22 अगस्त को गणेश चतुर्थी से शुरू बप्पा की पूजा की धूम हर तरफ है। गणेशोत्सव में मुंबई से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक शामिल है। वो अलग बात है कि कोरोना की वजह से पंडालों की रौनक घरों तक सिमट कर रह गई है, लेकिन बड़ों के गणपति और बच्चों के गनु को लेकर भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं है।

गणेशोत्सव, गणेश चतुर्थी से शुरू होकर 10 दिनों बाद चलता है और अनंत चतुर्दशी को समाप्त होता है। इस बार का गणेश उत्सव 1 सितंबर तक मनाया जा रहा है।
… तो आइए आज हम आपको वो ख़ास पांच मंत्र बताते हैं, जिनके जाप से गजानन होते हैं प्रसन्न।

जीवन के तमाम विघ्नों के नाश के लिए

ॐ गं गणपतये नमः

हर कार्य की बाधा निवारण के लिए-

वक्रतुण्डाय हुं

रोज़गार और आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति के लिए-

ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।

जल्दी विवाह और उत्तम जीवनसाथी के लिए-

ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा

आलस्य, निराशा, कलह, संकट, दरिद्रता दूर करने के लिए-

ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा

मान्यता है कि अनंत चतुर्दशी यानी 1 सितंबर तक सच्चे मन से इन मंत्रों को जाप करने से गणपति प्रसन्न होते हैं और मनवांछित फल देते हैं। तो पूरी श्रद्धा और सच्चे भाव से कहिए गणपति बप्पा मोरया।

Facebook Comments

By Chetna Tyagi

E-mail : unbiasedchetna@gmail.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!