पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में ओम राजेश पुरी को देखकर शबाना आज़मी ने कहा था कि कैसे कैसे लोग हीरो बनने चले आते हैं। दरअसल उनके चेहरे पर चेचक के दाग थे और लोगों की सोच के मुताबिक हीरो बनने के लिए आपके पास एक Dashing Personality ज़रुर होनी चाहिए। पर आगे चलकर इस कलाकार ने हर किरदार को कुछ ऐसे निभाया कि दुनिया उन्हें ओमपुरी साहब कहकर बुलाने लगी।

ओमपुरी ने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड की फिल्मों में भी काम किया। वो अलग बात है कि आज ओमपुरी साहब हमारे बीच नहीं हैं, पर यादों के झरोखे से हम उनकी ज़िंदगी के कुछ ख़ास पल आपके लिए लेकर आए हैं।

  • 18 अक्टूबर 1950 को पटियाला में जन्मे ओमपुरी का बचपन काफी संघर्ष में बीता। 6 साल की उम्र में वो सड़क किनारे चाय के कप धोया करते थे।
  • अपनी अंग्रेजी को लेकर ओमपुरी काफी उहापोह में रहा करते थे, क्योंकि उन्होंने पंजाबी स्ट्रीम से पढ़ाई की थी। एक टीवी शो में उन्होंने बताया था NSD में उनके अंदर आत्मविश्वास में काफी कमी थी।
  • ओमपुरी और नसीरुद्दीन शाह की दोस्ती के किस्से भी काफी मशहूर हुए। एक इंटरव्यू के दौरान ओमपुरी ने कहा था कि वे पहले शाकाहारी थे, लेकिन नसीर से दोस्ती के बाद वे जमकर नॉनवेज खाने लगे।
  • ओमपुरी एनएसडी में लड़कियों से दोस्ती करने के लिए उन्हें फूल और गिफ्ट्स दिया करते थे।
  • 1976 में आई मराठी फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से ओमपुरी ने अपने करियर की शुरुआत की।
  • 1980 में आई फिल्म ‘आक्रोश’ उनके करियर की पहली हिट फिल्म थी।
  • फिल्म अर्धसत्य और आरोहण के लिए नेशनल अवॉर्ड और कई राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले ओमपुरी को पद्मश्री से भी नवाज़ा गया।
  • ओमपुरी की पत्नी नंदिता ने उन पर एक किताब ‘अनलाइकली हीरो- द स्टोरी ऑफ ओमपुरी’ लिखी। जिसमें कुछ बातों को लेकर ओमपुरी अपनी पत्नी से काफी नाराज़ हो गए और उन बातों को पब्लिसिटी स्टंट बताया, वहीं उनकी पत्नी ने उन पर घरेलू हिंसा के भी आरोप लगाए।
  • नंदिता पुरी से पहले ओमपुरी ने अन्नू कपूर की बहन सीमा पुरी से शादी की थी। लेकिन ये शादी ज्यादा समय तक चल नहीं सकी।
  • एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ओमपुरी ने टिप्पणी कर दी थी, जिसके बाद उन्हें लोगों का काफी विरोध झेलना पड़ा।
  • ओमपुरी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। उनका शव उनके घर में 6 जनवरी, 2017 को नग्न हालत में मिला था।

ओमपुरी एक ऐसे कलाकार थे जिन्हें सराहना भी खूब मिली और उलाहना भी। उनके हिस्से तारीफों के गुलदस्ते भी आए और आरोपों के कांटे भी उन्हें जमकर चुभाए गए। पर ये कलाकार लगातार हर किरदार को निभाता गया और कहता गया, ‘मैं ओमपुरी हूं, मुझे हर हालात से जूझना आता है।

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By Garry

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