बुध. सितम्बर 30th, 2020
जिन सितारों की कामयाबी की ख़बरों की ब्रेकिंग न्यूज़ बननी चाहिए थी, उनकी मौत और मौत का तरीका ब्रेकिंग बन गया। पहले बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और अब दिल्ली की रहने वाली 16 साल की टिकटॉक स्टार। हालांकि इस प्यारी सी टिकटॉक स्टार ने मौत को गले क्यों लगाया, इस बारे में पता नहीं चल पाया है, परिवार सदमे में है और कुछ बोलने की हालत में नहीं है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला लेकिन लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से डिप्रेशन में थी।

ये जानकर आपको हैरानी होगी कि इस मासूम लड़की के इंस्टाग्राम पर एक लाख और टिकटॉक पर 11 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। मरने से करीब बीस घंटे पहले इसने अपने डांस का एक वीडियो भी अपलोड किया। फैन फॉलोइंग ऐसी कि एक म्यूज़िक एल्बम ऑफर हुई थी जिसकी शूटिंग लॉकडाउन के बाद शुरु होने वाली थी। घर, बाहर जहां भी वह जाती थी, वही छाई होती थी। फिर सोलह साल की ये मासूम लड़की डिप्रेशन में कैसे आई? और अगर वो पांच दिन से डिप्रेशन में थी तो कोई समझ क्यों नहीं पाया कि वो डिप्रेशन में थी?

दरअसल हमने मान लिया है कि अगर कोई इंसान डिप्रेशन में है तो वो दुखी दिखेगा। परेशान दिखेगा। पर जानते हैं डिप्रेशन का एक रुप Smiling या Hidden यानी गुप्त डिप्रेशन भी है?
जिसमें-
  • इंसान अपने मन के दर्द या तकलीफ को अपनी हंसी, अपनी मुसकुराहट के पीछे छिपाने की कोशिश करने लगता है।
  • बात करते करते कहीं खो जाता है या भूल जाता है कि वो क्या कह रहा था।
  • जो बात आपके लिए छोटी है वो उनके लिए काफी बड़ी हो जाती है और वो उस पर उत्तेजित हो जाते हैं।
  • कई बार वे अपने दर्द को भूलने के लिए किसी नशीली चीज़ या किसी तरह के ड्रग्स का सहारा लेने लगते हैं।
अगर आपके भी आस पास कोई इंसान आपको परेशान दिख रहा है, उदास या मायूस दिख रहा है तो -
  • उससे बात कीजिए।
  • जानने की कोशिश कीजिए कि आखिर क्या तकलीफ है और क्यों है।
  • उनके साथ वक्त बिताइए।
  • उन्हें अहसास कराइए कि वो आपके लिए कितने स्पेशल हैं। उनके होने और खुश होने के मायने क्या हैं।
  • किसी मनो चिकित्सक से परामर्श ज़रुर लें।
  • खान-पान का ध्यान रखें,क्योंकि कई बार विटामिन डी की कमी या शरीर में हो रहे हार्मोनल चेंजेस भी अवसाद में घेर लेते हैं।
कोशिशें भले देर से कामयाब हों पर नाकामयाब नहीं होतीं। तो आइए मिलकर कोशिश करते हैं और ज़िंदगी को जीतने देते हैं। खिलखिलाने देते हैं। कोशिश करते हैं कि अपने आस पास खुशियां बांटते हुए खुद भी खुश रहेंगे। ज़िंदगी को जीने की इतनी सारी वजहें दे देंगे कि वो मौत के बारे में कभी सोचे भी न।
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By Harshita

E-mail : unbiasedharshita@gmail.com

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