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सच से सरोकार

Category : सच्ची—मुच्ची

जिंदगी की खट्टी—मीठी

विशेषसच्ची—मुच्ची

International Friendship Day | … क्योंकि दोस्त जरुरी होते हैं

जिसके साथ होने भर से ज़िंदगी खेलने भी लगे, खिलखिलाने भी, शरारतें भी करने लगे और मुस्कुराने भी, वही तो है दोस्त। जिससे बात करने से पहले सोचना न पड़े कि वो बुरा मान गया तो? अरे, जो किसी बात का बुरा मान जाए वो दोस्त ही कैसा? छोटी—छोटी बातों पर मुंह फूला लेना और […]Read More

सच्ची—मुच्ची

जबरिया इश्क़

इश्क़ पर ज़ोर नहीं, है यह वो आतिश ग़ालिबजो लगाए न लगे और बुझाए न बुझे। यानी इश्क़, प्यार और मोहब्बत बस हो जाता है, इसे आप ज़ोर ज़बरदस्ती से न तो हासिल कर सकते हैं और न ही किसी भी तरह से खो सकते हैं। पर आजकल जिस तरह की ख़बरें आ रही हैं […]Read More

सच्ची—मुच्ची

कोई आपको छोड़कर जा रहा तो यह उसकी बदनसीबी, आप अपनी ही ज़िंदगी का साथ मत छोड़िए…

किसी की ज़िंदगी की हक़ीकत जब ख़बर बनकर सामने आती है तो जाने कितनों की नींद उड़ा जाती है, वैसे तो इस तरह की ख़बरें नई नहीं हैं फिर भी इस ख़बर ने झकझोर कर रख दिया। एक महिला को जब पता चला कि उसके पति की लेडी लव वो नहीं बल्कि कोई और है […]Read More

Show Timeसच्ची—मुच्ची

ज़िंदगी को जीतने दो

जिन सितारों की कामयाबी की ख़बरों की ब्रेकिंग न्यूज़ बननी चाहिए थी, उनकी मौत और मौत का तरीका ब्रेकिंग बन गया। पहले बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और अब दिल्ली की रहने वाली 16 साल की टिकटॉक स्टार। हालांकि इस प्यारी सी टिकटॉक स्टार ने मौत को गले क्यों लगाया, इस बारे में पता नहीं […]Read More

सच्ची—मुच्ची

रिश्ता है पर अहसास नहीं? कभी सोचा है क्यों?

कहने को सब ही हैं ख़ास,फिर क्यों नहीं है कोई पास ?गर सभी अपने हैं,फिर क्यों नहीं होता अहसास? अगर आपके या आपके पार्टनर के मन में भी ये चार लाइनें गाहे—बगाहे आती रहती हैं तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़िएगा। दो लोग मिलते हैं, एक दूसरे की तरफ आकर्षित होते हैं। एक दूसरे […]Read More

सच्ची—मुच्चीसितारे

सुशांत! लौट आओ ना…

जब रात बहुत गहरा चुकी होगी,सूरज अंबर की चादर से धीरे—धीरेबाहर झांक रहा होगा,तब मैं आकाश की ओर देखूंगी,वहां जो सबसे चमकदार तारा होगावो होगा सबका प्यारा सुशांत…। पिछले छह महीने से बुरी तरह अवसाद से घिरे सुशांत ने 14 जून 2020 को अपने बांद्रा वाले फ्लैट में फांसी लगाकर अपनी ज़िंदगी खत्म कर ली। […]Read More

Show Timeसच्ची—मुच्ची

सुशांत, तुमने एक बार कहा तो होता

सुशांत! काई पो चे मूवी हो या छिछोरे हर फिल्म में तुमने सिखाया हार मत मानना। फिर तुमने कैसे हार मान ली सुशांत? जिस कामयाबी के लिए लोग तरसते हैं वो तुम्हें हासिल थी। लोगों के जिस प्यार के लिए सितारे तरसते हैं, वो भी तुम्हें हासिल था। फिर क्यों किया तुमने ये सब? डीयर […]Read More

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