इश्क़ और बारिश…

✍️ मन्नत

इश्क का नशा और
बारिश की एक बूंद,
दोनों एक से है।
प्यार में बावरा मन और
ठंडी हवाओं में झूमता वृक्ष,
दोनों एक से हैं।
आंखों में बसे मोहब्बत के वो हसीन सपने और
बारिश के स्पर्श से चमकते पेड़ों के वो पत्ते,
दोनों एक से हैं।
आशिकी की वो धुन और
खुले आसमानों में मचलते परिंदों का वो झुंड,
दोनों एक से हैं।
इश्क की खूबसूरती और
बूंदों का मोती बन ठहरना,
दोनों एक से हैं।
मोहब्बत में खुदा को पाना और
रिमझिम बारिश का प्यासे जमीन को छू जाना,
दोनों एक से हैं।

इंजीनियरिंग की छात्रा मन्नत की साहि​त्य में भी विशेष रुचि है। मन्नत ने अपनी यह रचना UNBIASED INDIA के साथ साझा की है। संयोगवश आज उनका जन्मदिन भी है। UNBIASED INDIA Team की तरफ से मन्नत को जन्मदिवस की अशेष शुभकामनाएं! वह यूं ही लिखती रहें और आगे बढ़ती रहें।

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