इश्क नहीं झूठी शान KILLS!

कहानी तमिलनाडु के रामनाथपुरम की है। इंजीनियरिंग कॉलेज में एक लड़का लड़की मिले। साथ पढ़ते, बातें करते दोनों को प्यार हो गया। पढ़ाई पूरी हुई तो लड़का नौकरी करने चेन्नई गया। सब ठीक चल रहा था, तभी एक दिन पता चला कि लड़की के घरवालों को उनके रिश्ते के बारे में पता चल चुका है और उन्होंने लड़की का फोन छीन लिया है। लड़का आनन फानन में लड़की का हाथ मांगने उसके घर पहुंचता है। लेकिन वहां पहुंचने पर जो हुआ उसने इस प्रेम कहानी को बेहद दर्दनाक मोड़ पर पहुंचा दिया। दरअसल ये कहानी नहीं बल्कि विजय और अपर्णा के साथ घटी सच्ची घटना है।

विजय जब अपनी प्रेमिका के घर पहुंचा तो उसके घरवालों ने कहा कि ये मामला लड़की की वजह से है, अगर लड़की नहीं रहेगी तो मामला भी नहीं रहेगा। इस पर विजय ने कहा कि लड़की को कुछ नहीं होना चाहिए और उसने वहीं आत्मदाह कर हमेशा हमेशा के लिए अपनी ज़िंदगी खत्म कर डाली। विजय के जलते शरीर को देख पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

एक लड़का जिसने ज़िंदगी के संघर्ष भरी रास्ते पर चलना अभी अभी ही शुरु किया था, जिसके सामने एक बेहतरीन भविष्य था, वो अब past की बात बन चुका है। इस घटना ने एक बार फिर ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समाज, धर्म, जाति ये सब किसी की ज़िंदगी से बढ़कर है?  आखिर क्यों और कब तक मासूम ज़िंदगियां ऑनर किलिंग की भेंट चढ़ती रहेंगी? आखिर कब तक?

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