भारती की गिरफ्तारी से सबक

ब्रेकिंग न्यूज़-
‘‘कॉमेडी क्वीन भारती सिंह के घर से गांजा बरामद, एनसीबी ने किया भारती सिंह को गिरफ्तार’’

इस ब्रेकिंग न्यूज़ के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखना शुरू कर दिया कि बॉलीवुड से ब्रेकअप कर लो, भारती को अब कपिल शर्मा शो में काम नहीं मिलना चाहिए, और जाने क्या क्या। कोई मज़ाक उड़ा रहा था तो कोई तंज कस रहा था। ऐसी ही पोस्ट उस समय भी देखी गई थी जब सुशांत सिंह ने सुसाइड किया और तब भी जब दिपिका पादुकोण और सारा जैसी एक्ट्रेसेस के नाम बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन में सामने आए। एक शख्स ने तो यहां तक लिखा कि हमें अपने बच्चों को ये समझाना होगा कि वो बॉलीवुड के सितारों को अपना आदर्श न बनाएं। अब ज़रा कोई इनसे पूछे कि आखिर आपने ऐसा माहौल क्यों बनने दिया कि आपके बच्चों का आदर्श हमारे महापुरुष या अचीवर्स न होकर बॉलीवुड सितारे हैं। आप रील और रियल लाइफ का फर्क क्यों नहीं समझा पाए अपने बच्चों को या ख़ुद को भी।

सवाल ये भी उठता है कि हम आखिर ऐसे क्यों हैं या हमने खुद को इस तरह का क्यों बना लिया है कि किसी की अच्छी बात पर एकदम से उसे गले लगा लेते हैं और एक गलती के सामने आते ही उससे ऐसे मुंह मोड़ लेते हैं कि जैसे कभी जानते ही न हों। जबकि होना तो ये चाहिए कि अगर किसी की कोई गलती सामने आती है तो उससे सबक लिया जाए कि हम चाहें कितने भी कामयाब क्यों न हो जाएं, हम खुद पर कामयाबी हावी नहीं होने देंगे।

बॉलीवुड से नहीं, हमें इन बातों से ब्रेकअप करना चाहिए –

  • कामयाबी को कभी भी खुद पर हावी मत होने दिजिए। ऐसा नहीं कि कामयाब होते ही आप सही—गलत का फर्क भूल जाएं।
  • ज़मीन से जुड़े रहिए। कॉमेडी क्वीन कही जाने वाली भारती सिंह का बचपन बेहद गरीबी और संघर्ष में बीता, लेकिन कामयाबी के साथ वो शायद अपने संघर्ष को भूल गईं या फिर उस मां को भी जिनके लिए उन्होंने एक बार कहा था कि ‘शोहरत, पैसा सब चला जाए तो मैं वापस कमा लूंगी, पर मां वापस नहीं मिलेगी। मैं अपनी मां को कभी नहीं खोना चाहती’। ड्रग्स लेते समय काश उन्होंने अपनी ही कही हुई बात को याद रखा होता तो आज उनके नाम के साथ गांजा लेने वाली भारती जैसे जुमले न जुड़े होते।
  • हमारी किसी भी हरकत या फैसले का असर हमारे परिवार पर किस तरह पड़ेगा, ये सोचकर ही कोई भी फैसला लें या कुछ भी करें। संजय दत्त से लेकर सुशांत सिंह तक तमाम सितारे ऐसे रहे हैं जिनके पास न तो पैसे की कमी है न चाहने वालों की। लेकिन फिर भी किसी का नाम ड्रग्स कनेक्शन में सामने आ रहा है तो किसी ने रील लाइफ में ज़िंदगी का फलसफा सिखाते सिखाते रीयल लाइफ में मौत को गले लगा लिया।
  • हमेशा याद रखिए कि सुबह के साथ शाम भी आएगी और रात भी। दिन कभी रोशनी से भरा हो सकता है तो कई बार उजालों को बादल भी ढंक लेते हैं। इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि आप उजालों में फूल कर कुप्पा हो जाएं और सांझ तले बिल्कुल ख़ामोश से, वीरान से।
  • मॉडर्न होने या broad minded होने का मतलब अपने नैतिक मूल्यों को reject करना बिल्कुल नहीं होता। एक गाने की लाइन है कि ‘नज़र के मिल जाने से ही शील तो भंग नहीं होता’ पर इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि हर दूसरे महीने आप अपना साथी बदल लें या अपने पार्टनर को धोखा दें।
  • आज को जीते हुए इतने भी बेफिक्र मत हो जाइए कि कल की फिक्र ही न रहे। बीते सालों में जिस तरह से बॉलीवुड के कुछ सितारों के अंतिम दिन मुफलिसी में बीतने या इलाज के अभाव में दम तोड़ने की ख़बरें आईं, वो ये समझाने के लिए काफी हैं कि बचत बहुत ज़रुरी है।
  • सपनों का पीछा करते हुए अपनों का साथ कभी मत छोड़िए। वरना सपने तो पूरे हो जाएंगे लेकिन आपके साथ खुशियों को सेलीब्रेट करने वाला कोई नहीं होगा। तो चंद ही लोगों का साथ हो पर ऐसा हो कि ज़िंदगी से खुशी मिल जाए।

क्यों ठीक कहा न? और हां बॉलीवुड आपके इंटरटेनमेंट के लिए है तो उसे बस वहीं तक रहने दिजिए, ज्यादा पर्सनल होना is injurious to our भेजा… है न…?

वैसे तो बातें बहुत सारी हैं करने को, पर पूरा संडे आप मेरी बकबक में बिता देंगे तो दूसरे काम कब करेंगे। तो आज के लिए बस इतना ही.. संडे है तो कुछ लज्जतदार पकाकर, खाइए, परिवार के साथ मस्ती मजा करते हुए वक्त बिताइए और पढ़ते रहिए UNBIASED india.

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