<>जन्माष्टमी आज या कल? बता रहे हैं आचार्य राजेश - UNBIASED INDIA >

जन्माष्टमी आज या कल? बता रहे हैं आचार्य राजेश

इस साल कृष्ण जन्माष्टमी कहीं 11 अगस्त तो कहीं 12 अगस्त को बताई जा रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं में संशय है कि आखिर शुभ तिथि और शुभ मुहूर्त कब है। यही सवाल अनबायस्ड इंडिया ने काशी के आचार्य राजेश से किया। आइए, आचार्य राजेश से जानते हैं कि जन्माष्टमी पूजन के लिए सही समय क्या है और क्यों!

आचार्य राजेश ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में हुई थी। इसका अर्थ यह है कि जन्माष्टमी पूजन इसी समयावधि में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि जब रोहिणी नक्षत्र से संयुक्त होती है तो उसे कृष्ण जयंती अथवा कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के रूप में जाना जाता है।
आचार्य राजेश के अनुसार, सन् 2020 की जन्माष्टमी अलग-अलग पंचांग के अनुसार कहीं 11 अगस्त को तो कहीं 12 अगस्त प्रतीत हो रही है। काशी में निर्मित ऋषिकेश पंचांग के अनुसार इस बार अष्टमी तिथि मंगलवार प्रातः 6:15 बजे से प्रारंभ होकर बुधवार यानि 12 अगस्त को प्रातः 8 बजकर 1 मिनट तक है। इस कालअवधि में भरणी नक्षत्र 11 अगस्त की रात 11:18 बजे तक रहेगा। वहीं, 12 अगस्त यानि बुधवार को प्रातः 8:02 बजे के उपरांत नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी जो दूसरे दिन यानि 13 अगस्त, गुरुवार को सुबह 9:27 बजे तक रहेगी। इस दिन रोहिणी नक्षत्र अर्धरात्रि के बाद 1:30 बजे से शुरू होगी जबकि जन्माष्टमी का मुहूर्त अष्टमी तिथि की अर्धरात्रि को होती है। ऐसे में 11 अगस्त 2020 को ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाना शास्त्र सम्मत होगा। क्योंकि, 12 अगस्त 2020 को अर्धरात्रि के समय ना तो अष्टमी तिथि रहेगी और ना ही रोहिणी नक्षत्र होगा। इस तरह आचार्य राजेश के अनुसार, मंगलवार, 11 अगस्त की अर्ध रात्रि का समय ही श्री कृष्णजन्माष्टमी की पूजा के लिए सही समय है।
आचार्य राजेश जन्माष्टमी पूजन की तिथि स्पष्ट करने के बाद इसका समय भी बताते हैं। वह कहते हैं कि श्रीकृष्ण जन्मकथा के अनुसार, जब बाल गोपाल का जन्म हुआ था तब मध्य रात्रि थी। जब वासुदेव पुत्र कृष्ण को मथुरा से गोकुलधाम यशोदा मैय्या के पास ले जा रहे थे उस समय आसमान में चंद्रोदय हो चुका था। अर्थात् चंद्रदेव भगवान के अवतरण पर उनके दर्शन के लिए पृथ्वी पर आए थे। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूजन—अर्चन का शुभ मुहूर्त चंद्रोदय के बाद का माना जाता है। मंगलवार, 11 अगस्त 2020 को चंद्रोदय रात 11:21 बजे पर होगा। यह काशी का समय है। यही समय दिल्ली में रात्रि 11:40 बजे तो मुंबई में रात्रि 12:10 बजे होगा। असम में रात्रि 10:40 बजे से पूजन का शुभ मुहूर्त है। इसी समय के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ होगा। इस काल अवधि में वृष लग्न का समय है जो पूजा—पाठ के लिए उत्तम माना जाता है। अतः भगवान श्रीकृष्ण के भक्तजन चंद्रोदय के बाद भगवान श्रीकृष्ण के बाल गोपाल रूप का पूजन—अर्चन प्रारंभ कर सकते हैं। सभी भारतवासियों के लिए एक मानक समय बताया जाए तो 11 अगस्त की मध्य रात्रि 12:03 बजे से 12:47 बजे तक जन्माष्टमी पूजन के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त है। वहीं, गोकुलधाम में गोपलाष्टमी 12 अगस्त को मनाई जाएगी।

(इस संबंध में किसी भी भ्रम की स्थिति में आचार्य राजेश से मोबाइल नंबर 7007668977 पर संपर्क किया जा सकता है।)

Share this Article
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!