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Birth Anniversary | एक थी नीरजा – Heroine of hijack

आप नीरजा भनोट को जानते हैं? वहीं नीरजा जिन्होंने अपनी जान देकर हाईजैक फ्लाइट के कई यात्रियों की जान बचाई। वहीं नीरजा, जिन पर 2016 में सोनम कपूर अभिनीत फिल्म आई थी— नीरजा! जी हां, यह वही नीरजा हैं! यह वही नीरजा थीं! आज उसी नीरजा की जयंती है!

5 सितंबर 1986, पैन अमेरिकन वर्ल्ड एयरवेज़ के एक विमान का पाकिस्तान के कराची में अबु निदाल ऑर्गेनाइज़ेशन के चार हथियारबंद फिलिस्तीनी उग्रवादियों ने अपहरण कर लिया। विमान में 360 यात्री थे। यह जहाज मुंबई से कराची एयरपोर्ट पर पहुंचा था और वहां से जर्मनी होते हुए अमेरिका के न्यूयॉर्क में जाने की तैयारी में था। तभी उग्रवादियों ने विमान को हाईजैक कर लिया। इसी विमान (पैन एम 73) में भारतीय एयरहोस्टेस नीरजा भनोट थीं। विमान की हाइजैकिंग के 17 घंटे बाद आतंकवादियों ने यात्रियों को मारना शुरू कर दिया। हिम्मत दिखाते हुए नीरजा ने इमरजेंसी गेट खोल लिया। वो फ्लाइट में मौजूद यात्रियों को धीरे—धीरे करके बाहर निकालने लगीं। लेकिन, जब तीन बच्चों को वह बाहर निकाल रही थीं तभी आतंकियों की नज़र उन पर पड़ गई। नीरजा पूरी निडरता के साथ उनका सामना करते हुए शहीद हो गईं। इसके बाद नीरजा को नाम मिला ‘हीरोइन ऑफ हाइजैक’।

सितंबर 1986, एक प्यारी सी लड़की नीरजा के बर्थडे की तैयारी चल रही थी, 7 सितंबर को ही पैदा हुई थी न वो। मां सोच रही थी कि इस बार अपनी लाडली का जन्मदिन बहुत स्पेशल मनाना है। हां, ख़ास ही तो बन गया था नीरजा का जन्मदिन। क्योंकि उस दिन लोग याद कर रहे थे कि कैसे 2 ही दिन पहले महज 22 साल की नाजुक सी दिखने वाली लड़की ने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी।

कितना अजीब है न पांच सितंबर को नीरजा की डेथ एनीवर्सरी है और सात सितंबर बर्थ एनिवर्सरी। तो आइए आज आपको सुनाते हैं उस लड़की के ज़िंदगी के वो हिस्से जो किस्से बन गए और जिनका ज़िक्र करते हुए लोग आज भी कहते हैं एक थी नीरजा।

• एक रिपोर्ट के मुताबिक, नीरजा ने जिस बच्चे को पैन एम 73 प्लेन के हाइजैक के दौरान बचाया था, वह आज एक पायलट है और नीरजा भनोट को ही अपनी रोल मॉडल मानता है।
• नीरजा ने मात्र सोलह साल की उम्र में मॉडलिंग शुरु कर दी थी। उन्होंने करीब 90 ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग की। जिनमें वीको, बिनाका टूथपेस्ट, गोदरेज डिटर्जेंट और वैपरेक्स जैसे प्रो़डक्ट्स शामिल हैं।
• जब नीरजा 21 साल की थीं, तब उनकी शादी कर दी गई, लेकिन पति की बार दहेज की मांग और प्रताड़ना से वह इस कदर परेशान हुईं कि वो अपने पति से अलग हो गईं।
• नीरजा के पिता एक पत्रकार थे और मां हाउस वाइफ। दोनों ने नीरजा के जन्म से पहले ही उनके लिए लाडो नाम तय कर लिया था।
• नीरजा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। ये सम्मान पाने वाली वो दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला थीं।


• उनकी याद में नीरजा भनोट पेन एम न्यास नाम की संस्था भी बनाई गई जो बहादुर महिलाओं को सम्मानित करती है।
• पाकिस्तान सरकार ने नीरजा को तमगा-ए-इंसानियत से नवाज़ा तो अमेरिकी सरकार ने 2005 में जस्टिस फॉर क्राइम अवॉर्ड से सम्मानित किया।
• 2004 में भारत सरकार ने नीरजा सम्मान में एक डाक टिकट भी जारी किया था।

है न किसी परियों की कहानी सी अपनी नीरजा की कहानी, जो दुनिया में आई बहुत सारी खुशियां लेकर, कुछ दर्द सहा, कुछ किस्से गढ़े और फिर एक सितारा बनकर दुनिया को ये कहती छोड़ गई…
एक थी नीरजा, हीरोइन ऑफ हाइजैक।

Ek thi Neerja | एक थी नीरजा
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