<> Guru Dutt | दर्द से बना एक कलाकार | UNBIASED INDIA >

Guru Dutt | दर्द से बना एक कलाकार

लाइट, कैमरा, एक्शन… यह दुनिया चकाचौंध से भरी दिखती है, खुशदिल नज़र आती है पर इसके उजालों और ठहाकों के बीच जाने कितनी उदासियों के साए हैं जो नज़र नहीं आते। या फिर आ भी जाएं तो तब तक उनकी अनदेखी होती है जब तक कोई अनहोनी न हो जाए। गुरुदत्त साहब भी फिल्मी दुनिया के आकाश का एक ऐसा ही सितारा थे जिनका जन्म 9 जुलाई 1925 को बैंगलोर में हुआ। आज उनकी जयंती पर आइए आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें बताते हैं।

भारत का ऑर्सन वेल्स

प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और फिल्म निर्माता रहे गुरुदत्त साहब ने कम समय में ही सफलता के नए आयाम को छुआ। उन्हें भारत का ऑर्सन वेल्स भी कहा गया तो वहीं सीएनएन के 25 सर्वश्रेष्ठ निर्माताओं की लिस्ट में भी उनका नाम शुमार है। उनके पास नेम था, फेम था, उन्हें एक जीनियस फिल्म मेकर माना जाता रहा है, एक ऐसा निर्माता जो कुछ भी बना सकता था, एक ऐसा कलाकार जो किसी भी किरदार में जान डाल दे, एक ऐसा इंसान जो बेहद संवेदनशील था।
मगर फिर भी वो कहते हैं न कि कभी किसी को मुकम्मल जहान नहीं मिलता। अपने किरदार, अपनी फिल्मों से लोगों को सुकून देने वाले गुरुदत्त साहब की तमाम उम्र बेचैनियों में गुज़री या कह लीजिए चैन की तलाश में वे भटकते रहे। रुपहले परदे पर लव स्टोरी दिखाकर वाह—वाही बटोरने वाले गुरुदत्त साहब की लव लाइफ काफी मुश्किलों भरी रही।

जब गुरु को छोड़ चली गईं गीता

1951 में फिल्म बाज़ी बनाने के दौरान उनकी मुलाकात उस समय की सिंगिग सेन्सेशन गीता दत्त से हुई। फिल्म के लिए गाना गाते—गाते दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं और फिर तीन साल की रिलेशनशिप के बाद दोनों ने शादी कर ली। इनके तीन बच्चे भी हुए। लेकिन उसके बाद दोनों का ईगो इनके प्यार पर हावी होने लगा। गुरुदत्त नहीं चाहते थे कि गीता दत्त गाने गाएं। दोनों की दूरियों के दरम्यां गुरुदत्त साहब और मशहूर अभिनेत्री वहीदा रहमान के बीच नज़दीकियों के किस्से सामने आने लगे। इसके बाद गीता दत्त ने गुरुदत्त का घर छोड़ दिया। इन दोनों की शादी मात्र ग्यारह साल ही चली।

तकरार में जब शूटिंग रोकनी पड़ी

गुरुदत्त ने आपसी रिश्तों को एक और मौका देने के मकसद से गीता दत्त के साथ एक फिल्म शुरू की, लेकिन सेट पर ही दोनों में इतना तनाव बढ़ा कि दो दिन बाद ही फिल्म की शूटिंग रोक दी गई। एक प्यार इश्क की गलियों से गुजरता शादी की मंज़िल तक पहुंचा, लेकिन मंज़िल पर पहुंचकर दोनों के रास्ते इस तरह अलग हुए कि उनकी दुनिया ही बदल गई।

… और वह खबर जिसने होश उड़ा दी

गुरुदत्त साहब बहुत ज्यादा शराब पीने लगे थे। 10 अक्टूबर 1964 को अचानक ख़बर आई कि वह नहीं रहे। मात्र 39 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी मौत की गुत्थी आज तक अनसुलझी है। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने नींद की गोलियां खाकर खुदकुशी कर ली थी तो कुछ कहते हैं कि ज्यादा शराब पीने की वजह से उनकी जान चली गई। लेकिन उस रात उनके साथ क्या हुआ, ये कोई नहीं जानता।

गुरु से अलग होकर टूट गईं गीता

गुरुदत्त की मौत ने गीता दत्त को अंदर तक तोड़कर रख दिया था। उन्होंने बहुत ज्यादा शराब पीनी शुरू कर दी जिससे लीवर की बीमारी और आर्थिक परेशानी से जूझते हुए 1972 में उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। गुरु और गीता दोनों इस दुनिया में नहीं होकर भी हैं। उनका मुकम्मल होकर अधूरा रह गया इश्क नाकाम मोहब्बत की दास्तानों में दर्ज हो गया।

गुरुदत्त की जयंती पर इस महान कलाकार को टीम UNBIASED INDIA की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि!

Share this Article
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!