Kishore da birth anniversary | इस कदर प्यार तो कोई करता नहीं

कोई उनसे पूछता कि तुम्हारा नाम क्या है, तो वे कहते रशोकी रमाकु। वे बहुत बड़े सितारा थे, लेकिन खंडवा के दूध जलेबी, पोहे और दही बड़े के नाम पर ही एक छोटे से बच्चे बन जाते थे। वे एक्टर नहीं बनना चाहते थे, पर जब उन्होंने एक्टिंग की तो लोग उनके दीवाने हो गए। उन्होंने किसी से संगीत सीखा नहीं था, पर जब उन्होंने गाया तो सभी उनके मुरीद हो गए। वे अक्सर कहा करते थे, दुनिया मुझे पागल कहती है और मैं दुनिया को। दुनिया में होकर भी दुनिया से अलग थे आभास। आभास से हमारा मतलब किशोर कुमार। जी हां, 4 अगस्त 1929 को जन्मे उसी किशोर दा की आज जयंती है।

… तो आइए आज किशोर दा के जन्मदिन पर उनकी ज़िंदगी के कुछ ख़ास पन्नों को आपके साथ साझा किया जाए।

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