सच्ची—मुच्ची सितारे

सुशांत! लौट आओ ना…

जब रात बहुत गहरा चुकी होगी,सूरज अंबर की चादर से धीरे—धीरेबाहर झांक रहा होगा,तब मैं आकाश की ओर देखूंगी,वहां जो सबसे चमकदार तारा होगावो होगा सबका प्यारा सुशांत…। पिछले छह महीने से बुरी तरह अवसाद से घिरे सुशांत ने 14 जून 2020 को अपने बांद्रा वाले फ्लैट में फांसी लगाकर अपनी ज़िंदगी खत्म कर ली।

Show Time सच्ची—मुच्ची

सुशांत, तुमने एक बार कहा तो होता

सुशांत! काई पो चे मूवी हो या छिछोरे हर फिल्म में तुमने सिखाया हार मत मानना। फिर तुमने कैसे हार मान ली सुशांत? जिस कामयाबी के लिए लोग तरसते हैं वो तुम्हें हासिल थी। लोगों के जिस प्यार के लिए सितारे तरसते हैं, वो भी तुम्हें हासिल था। फिर क्यों किया तुमने ये सब? डीयर

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