<> Poetry of Anjali आर्काइव | UNBIASED INDIA >

मैं ज़िंदगी का दीया जलाती हूं!

जिंदगी को जब मैं अपने रंग दिखाती हूँ,वो दीया बुझाती हैं, मैं दीया जलाती हूं! मैं…

अजीब सी चाहत है मेरी…

बड़ी अजीब चाहत है मेरी,जहाँ नहीं होता कुछ भीमैं वहीँ सबकुछ पाना चाहती हूँ, वहीं पाना…

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