पर्व—त्योहार

भगवान विष्णु का शयनकाल शुरू, आज से नहीं होंगे मांगलिक कार्य

आज देवशयनी एकादशी है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को यह एकादशी होती है। देवशयनी एकादशी को पद्मा एकादशी, आषाढ़ी एकादशी और हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु के विश्राम काल का आरंभ होता है। देवशयनी एकादशी के दिन से ही भगवान विष्णु का शयनकाल शुरू होता है,

सरगोशी

भारतीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी अहम जिम्मेदारी

भारतीय सभ्यता—संस्कृति को देश—दुनिया तक पहुंचाने के लिए जिन आविष्कारों का इस्तेमाल किया जाना था, उनकी चकाचौंध में पड़कर हम स्वयं ही भारतीयता से कटते जा रहे हैं और आधुनिकता या कहें कि पश्चिमी सभ्यता—संस्कृति की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। आधुनिक जीवन में गैजेट क्या आ गया, हम अपनी धर्म—परंपरा से कटते चले गए।

पर्व—त्योहार

आज है योगिनी एकादशी, जानें इसका महत्व

साल के बारह महीने में पड़ने वाली हर एकादशी का अलग—अलग महत्व होता है। किंतु आषाढ़ मास की एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी कहा जाता है। इस बार योगिनी एकादशी आज अर्थात् 17 जून 2020 को है। मान्यता के अनुसार, इस दिन

तीर्थ स्थान

श्री वृंदावन धाम… यही तो है राधा रानी का निवास

धन-धन वृन्दावन रजधानी।जहाँ विराजत मोहन राजा श्री राधा महारानी।सदा सनातन एक रस जोरी महिमा निगम ना जानी।श्री हरि प्रिया हितु निज दासी रहत सदा अगवानी॥ विश्व के सभी स्थानों में श्री धाम वृन्दावन का सर्वोच्च स्थान माना गया है। इस धाम की महिमा वही समझ सकता है, जिसपर ब्रजरानी श्री राधारानी की कृपा बरसती है।वृन्दावन

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