सच्ची—मुच्ची

रिश्ता है पर अहसास नहीं? कभी सोचा है क्यों?

कहने को सब ही हैं ख़ास,फिर क्यों नहीं है कोई पास ?गर सभी अपने हैं,फिर क्यों नहीं होता अहसास? अगर आपके या आपके पार्टनर के मन में भी ये चार लाइनें गाहे—बगाहे आती रहती हैं तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़िएगा। दो लोग मिलते हैं, एक दूसरे की तरफ आकर्षित होते हैं। एक दूसरे

विशेष

हैप्पी पापा डे

वैसे तो हर दिन ही पैरेंट्स का होता है, लेकिन किसी एक दिन को किसी ख़ास के नाम कर देना और फिर उसे पूरे जोश के साथ मनाने में जो मज़ा है, उसकी बात ही अलग है। तो आज फादर्स डे के मौके पर क्यों न आपको इस दिन से जुड़ी कुछ ख़ास बात बतायी

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