Sunday with Shweta ज़िंदगी.Com

LIFE tips | जब कोई बात बिगड़ जाए

‘थोड़ा सा रफू करके देखिएफिर से नई लगेगीज़िंदगी ही तो है’। गुलज़ार साहब की इन चंद पंक्तियों में ज़िंदगी की एक बहुत बड़ी Philosophy छिपी है। शायद ही किसी की भी ज़िंदगी ऐसी हो जहां सब कुछ बिल्कुल perfect हो। उतार- चढ़ाव तो आने ही हैं और आते भी रहेंगे। पर मुझे आज तक ये

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ज़िंदगी | NO MORE डरना—वरना…

फिल्म Mary Kom का एक डायलॉग है कि ‘किसी को इतना भी मत डराओ कि डर ही खत्म हो जाए’। बात तो सही है, फिर आखिर क्यों ये डर हमारे अंदर से खत्म नहीं होता? हम रात के अंधेरे से डरते हैं जबकि हम जानते हैं कि हर रात की सुबह ज़रुर होती है। हम

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Happy Sunday | घर ही नहीं, मन के भी खिड़की—दरवाजे खोलिए

पूरे हफ्ते की भागदौड़ के बाद आता है अपना कूल—कूल सा संडे। वैसे तो इस कोरोना काल में हर दिन ही संडे टाइप है फिर भी संडे तो संडे है। पर, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने ठान लिया है कि हर दिन को एक जैसा ही बनाना है। पर जनाब, पूरे हफ्ते में एक

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