सरगोशी

भारतीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी अहम जिम्मेदारी

भारतीय सभ्यता—संस्कृति को देश—दुनिया तक पहुंचाने के लिए जिन आविष्कारों का इस्तेमाल किया जाना था, उनकी चकाचौंध में पड़कर हम स्वयं ही भारतीयता से कटते जा रहे हैं और आधुनिकता या कहें कि पश्चिमी सभ्यता—संस्कृति की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। आधुनिक जीवन में गैजेट क्या आ गया, हम अपनी धर्म—परंपरा से कटते चले गए।

सृजन

रोटी सबसे बड़ी

मेरे भी कई ख्वाब थे,उन ख्वाबों मेंगगन को छू लेने जैसे अहसास थे पर,हकीकत की दुनिया बड़ी कठिन थीये भूख भी बड़ी जालिम निकलीवो रोटी जो सामने थी खड़ीकलम की ज़रूरत से थी बड़ी रोटी की खोज लेकर जहां जाती हैउम्र बहुत बड़ी हो जाती हैअक्सर रोटी की तलाश मेंप्रतिभाएं गुम हो जाती हैं ना

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