Daughter’s Day | बेटियां

सृजन
माधुरी सिंह

चिड़ियों की झुंड सी
चहचहाती हैं बेटियां,
पगडंडियों पर नीले—पीले आंचल
उड़ाती हैं बेटियां!
आंगन की तुलसी बन
घर को महकाती हैं बे​टियां,
हंसी—ठिठोली कर
सबका मन बहलाती हैं बेटियां!
पायल की रूनझुन सी
गुनगुनाती है बेटियां,
पानी सी निर्मल—स्वच्छ
नजर आती हैं बेटियां!
क्यों देखते हैं
दोयम निगाहों से इन्हें जमाने वाले?
किसी भी मकान को घर
बनाती हैं बेटियां।।

(डॉटर्स डे पर शिक्षिका माधुरी सिंह ने यह कविता अनबायस्ड इंडिया के साथ साझा की है।)

Facebook Comments Box
27 सितंबर Daughters Day Daughters Day 2020 Daughters Day in india डॉटर्स डे पुत्री दिवस बेटी दिवस

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts

सृजन

इश्क़ और बारिश…

✍️ मन्नत

इश्क का नशा औरबारिश की एक बूंद,दोनों एक से है।प्यार में बावरा मन औरठंडी हवाओं में झूमता वृक्ष,दोनों एक से हैं।आंखों में बसे मोहब्बत

error: Content is protected !!