Life tips | ज़िंदगी की खुशी से मुलाकात कराइए

Sunday with Shweta

ज़िंदगी से खुशी की कुछ यूं हुई मुलाक़ात
कोई सुन भी न पाया बस ख़ामोशी से होती रही बात।

जी हां, हाल ही में एक महाशय हमारे घर पधारे। हमने उनसे पूछा कि कैसे हैं आप, तो गरम गरम चाय पीते हुए बोले कि ठीक ही हैं, अब इस कोरोना काल में क्या ही अच्छे होंगे। फिर हमने पूछा कि अरे, ऐसे क्यों कह रहे हैं आप, तो बोले कि अखबार उठाकर देख लीजिए, कड़क चाय और गरम पकौड़ों की कसम एक ख़बर अगर ढंग की दिख जाए तो कहिएगा। हम भी सोचने लगे कि क्या वाकई ऐसा है कि कुछ भी अच्छा हो ही नहीं पा रहा।
आपको क्या लगता है, क्या वाकई ऐसा है कि कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा ? हम सभी में से ज्यादातर लोग सुबह दफ्तर जाने के नाम पर ही रोने लगते थे कि काश घर से काम करने को मिल जाए। भले बहाना कोरोना का हो लेकिन वर्क फ्रॉम होम तो मिला न।
बहुत से लोग ऐसे थे जो परिवार को वक्त नहीं दे पाते थे, पर परिवार के साथ भरपूर वक्त मिला न सबको। प्रकृति की खूबसूरती को महसूस कर पाए न आप सब भी ?
मुझे भी पता है वक्त ने सभी को डरा दिया है। भविष्य को लेकर तमाम तरह के संशय मन में डेरा बसाए बैठे हैं। पर सोचकर देखिए कि क्या कोरोना नहीं आया होता तो भविष्य को लेकर हम आश्वस्त थे। क्या तब हमारी जिंदगी में किसी तरह का ख़ौफ नहीं था। क्या सर्दी जुकाम या मौसमी बीमारियां होने पर दूरियां नहीं बनाते हम सब।
बात सिर्फ नज़रिए की है। बात सिर्फ इसकी है कि हम ज़िंदगी से खुशी को मिलवाना चाहते हैं या फिर उसे मौत के डर से डरा देना चाहते हैं। कुछ लोगों के लिए बारिश की झीनी झीनी बूंदे बहुत सारा सुकून और उत्साह लेकर आती हैं तो किसी को उस बारिश के बाद का कीचड़ नज़र आता है। किसी को सर्दी के साथ अदरक वाली चाय याद आती है तो कोई यही रजाई में बैठा सर्दी को कोसता ही रह जाता है।
कोई वक्त न होने का रोना रोता रह जाता है तो कोई अपनों के साथ बिताए पांच मिनट में भी इतने सारे मीठे पल जी लेता है कि ज़िंदगी को कोई मलाल ही नहीं रहता।
तो कुल मिलाकर बात बस इतनी सी है कि ये हम पर निर्भर करता है कि हम अपनी ज़िंदगी से खुशी को कैसे मिलवाते हैं। उनकी गुपचुप बातें कैसे कराते हैं। कैसे चंद पलों में तमाम लम्हें सजा लेते हैं। क्योंकि ये तो हम सभी जानते हैं कि वक्त अच्छा हो या बुरा, गुज़रता ज़रुर है, फिर काहे का रोना। जो भी हो, जैसा भी हो, क्यों न हंसते हंसते जी लें हर पल को, ताकि जब खुशी बत्तीसी दिखाए तो ज़िंदगी भी मुस्कुरा उठे।

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