प्रेशर कुकर सी ज़िंदगी !

Sunday with Shweta

हलो दोस्तों,
उम्मीद है कि आप सभी अपनी ज़िंदगी के हर एक पल को खुलकर जी रहे होंगे, बिना प्रेशर कुकर बने हुए। क्योंकि प्रेशर कुकर भी खाना पकने का सिग्नल सीटी बजाकर देता है न, और तब भी गैस बंद न करो तो क्या होता है, वो बताने की ज़रुरत नहीं।
हमारी ज़िंदगी का भी कुछ ऐसा ही है, जब आस पास के लोगों की गैर ज़रुरी बातों का हम प्रेशर लेने लगते हैं तो automatically सब कुछ भारी भारी सा लगने लगता है। no matter की आप कितने मोटे हैं, पतले हैं, छोटे हैं, लंबे हैं या फिर आपके सिर पर बाल कितने हैं। matter करता है तो बस ये कि आप कितने positive हैं अपनी life को लेकर

कुछ सीक्रेट्स शेयर कर रही हूं, उन्हें अपने दिमाग के Pressure Point के पास सेट करके रख लीजिए।

• आपके looks आप decide नहीं करते। आप वैसे ही हैं जैसा आपको भगवान ने बनाकर भेजा है। आप सिर्फ अपना ख्याल अच्छे से रख सकते हैं। इसलिए कभी भी अगर कोई बोले की आप में कोई कमी है तो उदास होने की जगह सामने वाले को ध्यान से देखिए और सोचिए कि क्या जो शख्स आपमें कमियां निकाल रहा है वो Perfect है ? वैसे भी इस पूरी दुनिया में एक भी इंसान परफैक्ट नहीं है। खुद सोचकर देखिए क्या आपके आस पास कोई भी एक इंसान ऐसा है जिसके बारे में लोग गलत बात न करते हों। क्या कोई भी ऐसा इंसान है जो हर तरह से सर्वगुण संपन्न हो। नहीं न, तो फिर looks का प्रेशर लेकर क्यों बनना प्रेशर कुकर?

• कुछ लोगों की आदत होती है कि वे किसी को भी as punching bag इस्तेमाल करने लगते हैं। तो कोशिश कीजिए ऐसे लोगों का Punching Bag आप न हों। क्योंकि ऐसे लोग अपने गलत फैसलों या फिर किसी भी असफलता का ठीकरा फोड़ने के लिए किसी इंसान को चुन लेते हैं। ऐसे में वे अपनी सारी negativity के लिए आपको responsible करार देते हैं और खुद तो मस्त हो जाते हैं पर आप directly या indirectly बन जाते हैं प्रेशर कुकर। तो कोशिश कीजिए इस तरह के लोगों से दूर रहने की।

• खुद को All Rounder साबित करने की कोशिश बेकार है। क्योंकि जब आप बहुत सारे काम का लोड खुद पर ले लेते हैं तो कई बार ऐसा करके सिर्फ आप परेशान हो रहे होते हैं। इसलिए उतना ही काम लीजिए जितना आप आराम से कर सकें। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी जब कप्तानी संभाली तो क्या हुआ था, ये सभी को पता है। या फिर जब महानायक बिग बी के ABCL का क्या हाल हुआ था, ये भी सभी को पता है। ये बातें मैं यहां सिर्फ इसलिए मेंशन कर रही हूं ताकि आप समझ सकें कि हर इंसान हर काम में बेहतर हो ये ज़रुरी नहीं, पर इस बात की गारंटी है कि आप किसी न किसी काम में तो बेस्ट होते ही हैं। बस अपनी उस एक खूबी को निखारने की कोशिश कीजिए।

• आजकल जिस तरह से लोगों के दर्द फेसबुक पोस्ट में झलकते हैं, पढ़कर समझ आता है कि पल में तोला पल में माशा वाली Feelings वाले लोगों ने उन्हें ठेस पहुंचायी है। हर इंसान के अंदर एक फीचर होता है, जब उसे कोई इंसान पसंद आता है या वो किसी इंसान को हासिल करना चाहता है तो वो बात करते समय आपको आपके सारे गुण बताएगा। दो चार ऐसी qualities भी बता देगा जो आपके अंदर हों ही न। लेकिन जब उसे आपसे दूर जाना होता है तो वो चुन चुन कर आपसे लड़ने के बहाने तलाशेगा। आपकी इतनी सारी कमियां उसे दिखने लगेंगी की आप खुद हैरान हो जाएंगे की क्या कभी आपमें कोई quality थी भी। ऐसे में उदास या परेशान होने की ज़रुरत नहीं। बस सामने वाले की आंखों में देखिए और कह दिजिए,You are free to go. क्योंकी most of the relationship की problem ही यही है कि धोखा देना भी है और धोखेबाज़ कहलाना भी नहीं है। तो ठीक है न, इतना टेंशन क्या लेना। प्रेशर कुकर क्यों बनना । एक रिश्ता जिसे प्यार से दो लोगों ने बनाया, अगर वो नहीं टिक सका तो move on से बेहतर option कोई नहीं।

• अक्सर हमें किसी पर भी गुस्सा आता है तो हम सबसे पहले उसका नंबर ब्लॉक करते हैं, फेसबुक अकाउंट Deactivate करते हैं या फिर सामने वाले को ब्लॉक कर देते हैं। पर ऐसा करते हुए आप सुकून की तरफ नहीं बल्कि एक और stress को दावत दे रहे हैं। क्योंकि किसी को निकालना है तो सोशल मीडिया अकाउंट से नहीं बल्कि अपने दिमाग से निकालिए।

• अपने गुजरे हुए कल को गुजर जाने दिजिए। क्योंकि बीता हुआ एक भी पल वापस नहीं लाया जा सकता है। तो फिर उसे मुट्ठी में बांधकर रखने का कोई मतलब नहीं। मुट्ठी को खोल दिजिए ताकि आपकी लकीरों में खुशियों के, अपनों के, सपनों के वो रंग सज सकें जो ज़िंदगी आपको देना चाहती है।

विश्वास मानिए कोई भी इंसान या किसी की भी ज़िंदगी Fully perfect नहीं है, इसे perfect बनाना पड़ता है और उससे भी ज़रुरी इसे Perfect मानना पड़ता है, तभी हम बच पाएंगे अपने दिमाग में लगातार बजने वाली सीटी से, और खुद को प्रेशर कुकर बनाने से।
खाइए, पीजिए, मस्त रहिए और खुद से कहिए I am the best, no matter कौन क्या कहता है।
और हां, UNBIASED india पर पढ़ते रहिए

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