वाह! क्या बात है

Sunday with Shweta

आज है दमदार रविवार, तो मैंने सोचा कि क्यों न आपसे कुछ ऐसी दिलचस्प बातें शेयर की जाएं जिन्हें पढ़ने के बाद आप कहें कि अरे, ये तो मुझे पता ही नहीं था, या फिर अरे वाह, ये तो कमाल की बात है। तो चलिए बातों-बातों में आपको कुछ दमदार बातें बताती हूं।

लिज्जत की लज्जत

कर्रम कुर्रम, कुर्रम कर्रम… जब भी टीवी पर लिज्जत पापड़ का विज्ञापन आता, क्या बच्चे क्या बड़े सभी बड़े चाव से देखते। पर आज बात विज्ञापन की नहीं बल्कि लिज्जत पापड़ के बनने की कहानी।
1959 में सात महिलाएं मिलीं, उनके पास मात्र 80 रुपए थे। उन्हीं 80 रुपयों से इन महिलाओं ने मुंबई में एक बंद पड़ी पापड़ फैक्ट्री की यूनिट खरीदी और 15 मार्च 1959 को नींव रख दी लिज्जत पापड़ की। सात महिलाओं ने जिस सफर की शुरुआत की आज उसमें शामिल हैं 42 हजार से ज्यादा महिलाएं। सबसे ख़ास बात ये कि इस संस्थान का कोई एक मालिक नहीं बल्कि सभी इसके मालिक हैं। संस्थान को लाभ हो या हानि सब कुछ, सबका साझा। मात्र चार पैकेट बनाने से लिज्जत पापड़ की पहले साल की आय 6196 रुपए थी लेकिन आज 800 करोड़ से भी ज्यादा है। महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ से जुड़ी ये बातें बताती हैं कि सिर्फ स्वाद में ही नहीं बल्कि काम करने के तरीके में भी है कर्रम कुर्रम।

क्या आप जानते हैं?

• भारत के अलावा फिजी एक ऐसा देश है जहां हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया है।
• भूटान में जीडीपी को नापने का तरीका 1972 में बदल गया था। यहां जीडीपी Gross Domestic Produce के बजाय Gross National Happiness है। यानी जीडीपी की बजाय खुशी को नापा जाता है।
• विश्व में 22 ऐसे देश हैं जहां कोई सेना नहीं है। इन देशों में ज्यादातर देश टापुओं पर स्थित हैं।
• ग्रीनलैंड में इतनी ठंड होती है कि वहां घास नहीं उग पाती। यहां के लोगों का पसंदीदा खेल फुटबॉल है लेकिन भौगोलिक स्थिति के कारण ये देश फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले पाया।
• पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा डाकखाने भारत में हैं।
• भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।
• शतरंज की खोज भी भारत में की गई थी।
• भारत का अंग्रेजी नाम ‘इंडिया’ इंडस नदी से बना है। आर्य पूजकों में इंडस नदी को सिंधु कहा गया।

कहिए है न ये बातें कमाल की? मैं इसी तरह हर रविवार आप पाठकों के लिए कुछ खास व अलग तरह की जानकारियों का पिटारा लेकर आऊंगी। …तो UNBIASED INDIA पर हर रविवार पढ़ना न भूलिए SUNDAY WITH SHWETA.

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