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सूतक काल शुरू, भारत में सुबह 10:13 बजे से सूर्य ग्रहण

 सूतक काल शुरू, भारत में सुबह 10:13 बजे से सूर्य ग्रहण
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 21 जून को लग रहा है, जो काफी खतरनाक माना जा रहा है। भारत में यह सूर्य ग्रहण सुबह 10 बजकर 13 मिनट और 52 सेकण्ड से शुरू होकर दोपहर 01 बजकर 29 मिनट और 52 सेकण्ड तक रहेगा। चूंकि सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। इसलिए, अभी से लेकर ग्रहण काल के दौरान तक ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल आरंभ होने के बाद भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। बीमार और छोटे बच्चों पर सूतक का यह नियम लागू नहीं होता है। सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या होता है सूर्य ग्रहण?
चंद्रमा जब पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है तो सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाता है। इस कारण पृथ्वी पर अंधेरा हो जाता है। इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं।

कुरुक्षेत्र है केंद्र
यह सूर्यग्रहण भारत के साथ दक्षिण पूर्व यूरोप और पूरे एशिया में दिखाई देगा। इसका केंद्र हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र में होगा।

कहां दिखाई देगा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार ग्रहण पर ग्रहों और नक्षत्रों का जो योग बन रहा है, वो पिछले पांच सौ सालों में नहीं बना। यह ग्रहण भारत के साथ साथ नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई ,कांगो और एथोपिया में दिखायी देगा। जानकारों के मुताबिक, भारत में देहरादून, सिरसा और टिहरी में वलयाकार यानी चमकती अंगूठी की तरह सूर्यग्रहण दिखेगा जबकि बाकी हिस्सों में आंशिक सूर्यग्रहण दिखायी देगा।

क्यों खतरनाक है यह ग्रहण?
आज के दिन 9 ग्रहों में से 6 ग्रह उल्टी दिशा में होंगे, जिसका हमारे जीवन और देश पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ सकता हैं। यह सूर्यग्रहण मिथुन राशि में लगने जा रहा है और मंगल ग्रह की दृष्टि इस पर पड़ रही है। साथ ही मंगल ग्रह पर शनि ग्रह के प्रभाव के कारण भी यह सूर्यग्रहण और खतरनाक होने वाला है। बताया जा रहा हैं कि एक महीने में ही दो ग्रहण लगने के कारण यह काफी खतरनाक होगा; इसकी वजह से देश में प्राकृतिक आपदा आ सकती है। वैसे भी युद्ध की स्थिति बनती हुई दिखाई दे रही है। इसके अलावा इस ग्रहण की वजह से खराब मौसम की भी मार पड़ सकती हैं। इस ग्रहण के खतरनाक होने की एक वजह यह भी है कि पिछले साल जून से लेकर इस ग्रहण को मिलाकर कुल 4 ग्रहण हो जाएंगे और ये सभी ग्रहण एक ही राशि में लगे हैं जो एक बेहद दुर्लभ संयोग है।

इन बातों का रखें ध्यान
• सूर्य ग्रहण के साथ वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों ही कारक जुड़े हुए हैं, ऐसे में कुछ ख़ास बातों का ध्यान आपको ज़रुर रखना चाहिए।
• इस दौरान आप अपनी सोच को पूरी तरह सकारात्मक रखें। इससे आपके मन का संबल बढ़ेगा। वैसे भी कहा जाता है न कि मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। तो कोरोना से जीतना हो या फिर ग्रहण काल को पार करना होगा, हमेशा अपनी सोच को सकारात्मक रखिए।
• ग्रहण के दौरान घर में कोई भी मंत्र ख़ास तौर पर महामृत्युंजय, सुंदरकांड, गायत्री मंत्र या ऊं का जाप करें या सुनें।
• घर में रखे दूध, पानी या दूसरी खाद्य सामग्री में तुलसी डाल दें। इससे खाद्य पदार्थ के खराब होने की संभावना कम रहेगी।
• ग्रहण के बाद जरूर नहाएं और संभव हो तो पानी में गंगाजल डालें।
• घर की सफाई करने वाले पानी में नींबू का रस मिला दें, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा।
• सबसे ख़ास बात यह कि पति पत्नी को इस दौरान किसी भी बात पर झगड़ा नहीं करना चाहिए। इससे घर में नकारात्मकता आती है।

आइए अब आपको कुछ ख़ास मंत्र बताते हैं जिनका जाप ग्रहण के दौरान फायदेमंद होगा-

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

अर्थात्
हम त्रिनेत्र को पूजते हैं,
जो सुगंधित हैं, हमारा पोषण करते हैं,
जिस तरह फल, शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है,
वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।

तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।
हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥

अर्थात्
अन्धकाररूप महाभीम चन्द्र-सूर्य का मर्दन करने वाले राहु! सुवर्णतारा दान से मुझे शान्ति प्रदान करें।

विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत।
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥

अर्थात्
सिंहिकानन्दन (पुत्र), अच्युत! हे विधुन्तुद, नाग के इस दान से ग्रहणजनित भय से मेरी रक्षा करो।

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।।

अर्थात्
उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।

… तो ग्रहण हो या कोरोना या फिर कोई और परेशानी, किसी भी परिस्थिति में परेशान नहीं होना है। हमेशा अपने आस पास खुशियों और सकारात्मकता से भरा माहौल रखना है। और हां, आज योग दिवस का भी मौका है तो योग करना मत भूलिएगा। इससे आप स्वस्थ भी रहेंगे और सकारात्मक भी।
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Mridini

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